Monday, November 14, 2011

Chahat Ka Jabab

चाहत का जबाब, चाहत से देना, एक फ़र्ज़ हो जाता है,
छुपाना मत इसे , वरना उम्र भर का क़र्ज़ हो जाता है.

जो खुलकर दिखाओगे जज्बात अपने,तो रहोगे चंगे,
वरना ये कशक अंदर दबते-दबते,एक मर्ज़ हो जाता है.

जरूरी नहीं कि तुम लिख ही लेना, मेरा नाम हथेली पर ,
प्यार सच्चा हो, तो खुद-बखुद दिल में दर्ज हो जाता है.

हर घड़ी कब किसे नसीब होती है खुशियों की बारिश ,
जो तुमसे मिल लेता हूँ, वही पल मेरा एश्वर्य हो जाता है.

बूरा मत मानना, जो दो पल जी लेता हूँ तुम्हे देखे बिना,
आखिर दिल ही तो है, कभी-कभी ये खुदगर्ज़ हो जाता है.

Tum Bhi Meri Nigaho Se Gir Kyu Nahi Jaate

ठोकर के बिना लोग गुज़र क्यूँ नहीं जाते,
पत्थर हो मुकाबिल तो ठहर क्यूँ नहीं जाते.

इस शहर के जुगनू भी छलावे है नज़र के,
फिर लोग सर-ए-शाम ही घर क्यूँ नहीं जाते.

तुमने गिराया है मुझे अपनी नजर से,
तुम मेरी निगाहों से उतर क्यूँ नहीं जाते.

मर-मर के जिए जाते है सड़कों के किनारे,
मरना ही ज़रूरी है तो मर क्यूँ नहीं जाते.

Manjil Se Doorie

"मंजिल भी खो चुके है हमसफ़र भी नहीं रहा,
मेरी किसी भी दुआ में शायद अब असर ही नहीं रहा.

जब से हुई है दिल को खबर वो बिछड़ रहा है मुझसे,
लफ़्ज़ों को जोडने का तबसे हमको हुनर भी नहीं रहा "

Jo Bhi Kaam Kijiye Poora Kijiye

" अब भला कीजिए या बुरा कीजिए ,
पर जो काम कीजिए पूरा कीजिए.

या तो लिख लीजिए मेरा नाम दिल पर भी ,
या फिर हथेली से भी उसको कूरा* कीजिये .

ठोकरों से गिरना तो ईतना बुरा भी नहीं ,
जख्म देने ही है, तो नज़रों से गिरा दीजिए .

हो सके तो सीख लीजिए अब वफ़ा मुझसे ,
याँ फिर मुझको भी बेवफाई सिखा दीजिए.

कई लोग तो चंगे हो जाए बस इस दवा से,
कि आप चहरे से दुपट्टे को, सरका दीजिए.

अब भी, अपनी मंजिलों से खुद को दूर पाता हूँ ,
रात होने को है, एक चिराग दर पे जला दीजिए.

भटक गया हूँ ,पथ से, इस बड़े शहर में ,
अब आप ही कोइ भला, मशविरा दीजिए.

दो-चार दिन की चकाचौंध के हम कहाँ कायल,
उम्र भर जो संग चले वो सिलसिला दीजिए .

Monday, May 16, 2011

मेरी दुनिया

मेरी इस दुनिया मै खलल न डालना ..
सिर्फ मै जनता हु. ये मेरी बनाई हुई है.

तनहा ही रहने दे

तनहा हु तनहा ही रहने दे, इस कदर फिर मुझे प्यार न कर.
इन जख्मो को हरा रहने दे, मरहम लगा के इन्हें बर्बाद न कर.

जरुरी बदलाव

मै बदल दूंगा हसरत और तमन्ना!
तू जिंदगी तो नहीं जो तेरी मुझे जरुरत हो.

उसने कहा

उसने कहा तुममे पहले जैसी बात नहीं,
मैंने कहा जिंदगी मै तेरा साथ नहीं,

उसने कहा अब भी किसी की आँखों मै डूब सकते हो?
मैंने कहा अब किसी की आँखों मैं वो बात नहीं,

उसने कहा क्यों इतना टूट कर चाह मुझे,
मैंने कहा इन्सान हूँ मैं पत्थर जात नहीं.

उसने कहा बेवफा हूँ मैं?
मैंने कहा अब मुझे वफ़ा की तलाश नहीं,

उसने कहा मुझे भूल जा अब .
मैंने कहा तुम हकीकत हो कोई ख्वाब नहीं.

जादा मांग

हर बार मुक़दर को गलत ठहराना अच्छी बात नहीं,
मेरे दोस्त
कभी-कभी हम भी हद से जादा मांग लेते है.

रास्तो से फासले

किसी ने रास्तो से फासले तय किये,
किसी ने रास्तो पे फासले तय किये.

अनजान मुसाफिर

अनजान मुसाफिर मंजिल से.
रास्ते इतने बदले की मंजिल बदल गयी.

आइना तोड़ने वाले

आइना तोड़ने वाले, ये तुझे याद रहे,
अक्स बंट जाएगा ,
तेरा भी , कई टुकड़ों में

उनकी चाह

वो इस चाह मै रहते है की हम उनसे उनको मांगे.
और हम इस गुरूर मै रहते है की हम अपनी ही चीज क्यूँ मांगे.

समझदारी

जो ना आये मीठा बोलना,
तो खामोश होना अच्छा है,

जिस समझदारी से टूटे रिश्ते,
उस से नादान होना अच्छा है.

अक्ल के इजाफे ने बढ़ा रखी है,
आज अपनों से अपनों की दूरियाँ,

किस्तों में दे रही है तुझे,
हर रोज मौत जिन्दगी.

जो मर मर के जी रहे हो,
उससे कुर्बान होना अच्छा है.

आओ मिलकर बदले,
आज अपने जीने का सलीका.

जिस ठहराव से खो जाये उमंग,
उससे हैरान होना अच्छा है.

अब 'वो' बात नहीं होती

मुझसे ही अब मेरी मुलाकात नहीं होती
मिलता तो रोज हूँ,पर अब 'वो' बात नहीं होती

ज़ेहन पर अब भी उसके,दिखती है मेरी मुस्कान
पर चहरे पर अब खुशियों की सौगात नहीं होती

बूँद बूँद से कहा मिटेगी,मेरी जन्मो की प्यास,
नसीब में अपने कभी जम के बरसात नहीं होती

ख्वाब सजाने को दिल किस का नहीं करता यारो?
पर मेरी किस्मत में अधजगी रात नहीं होती

वो क्या आया कि मेरी तकदीर,मेरा मुकदर ले गया
अब सहन मुझसे और ये 'तनहा गमे हालात' नहीं होती

Wednesday, May 11, 2011

आरजू इंतज़ार की

आरजू नहीं रही किसी का इंतज़ार करने की!
अब तो वो रास्तो पर भी मिल जाये तो रुका नहीं करता.

संगदिलों की दुनिया

ये संगदिलों की दुनिया है ज़रा संभल कर चलना!
यहाँ पलकों पर भी विठाया जाता है तो नजरों से गिराने के लिए.

प्यार की पहचान

प्यार की पहचान अभी बाकी है,
इश्क की राह मे ये इम्तिहान अभी बाकी है.

दिल को क्या समझाना

दिल को समझाने की जरुरत क्या ?
मोहब्बत हो गयी तो कही जाने की जरुरत क्या ?

जालिम जमाना

जालिम है जमाना जज़्बात नहीं समझता.
दिल मे है क्या बात नहीं समझता