मुझसे ही अब मेरी मुलाकात नहीं होती
मिलता तो रोज हूँ,पर अब 'वो' बात नहीं होती
ज़ेहन पर अब भी उसके,दिखती है मेरी मुस्कान
पर चहरे पर अब खुशियों की सौगात नहीं होती
बूँद बूँद से कहा मिटेगी,मेरी जन्मो की प्यास,
नसीब में अपने कभी जम के बरसात नहीं होती
ख्वाब सजाने को दिल किस का नहीं करता यारो?
पर मेरी किस्मत में अधजगी रात नहीं होती
वो क्या आया कि मेरी तकदीर,मेरा मुकदर ले गया
अब सहन मुझसे और ये 'तनहा गमे हालात' नहीं होती
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