Monday, May 16, 2011

तनहा ही रहने दे

तनहा हु तनहा ही रहने दे, इस कदर फिर मुझे प्यार न कर.
इन जख्मो को हरा रहने दे, मरहम लगा के इन्हें बर्बाद न कर.

जरुरी बदलाव

मै बदल दूंगा हसरत और तमन्ना!
तू जिंदगी तो नहीं जो तेरी मुझे जरुरत हो.

उसने कहा

उसने कहा तुममे पहले जैसी बात नहीं,
मैंने कहा जिंदगी मै तेरा साथ नहीं,

उसने कहा अब भी किसी की आँखों मै डूब सकते हो?
मैंने कहा अब किसी की आँखों मैं वो बात नहीं,

उसने कहा क्यों इतना टूट कर चाह मुझे,
मैंने कहा इन्सान हूँ मैं पत्थर जात नहीं.

उसने कहा बेवफा हूँ मैं?
मैंने कहा अब मुझे वफ़ा की तलाश नहीं,

उसने कहा मुझे भूल जा अब .
मैंने कहा तुम हकीकत हो कोई ख्वाब नहीं.

जादा मांग

हर बार मुक़दर को गलत ठहराना अच्छी बात नहीं,
मेरे दोस्त
कभी-कभी हम भी हद से जादा मांग लेते है.

रास्तो से फासले

किसी ने रास्तो से फासले तय किये,
किसी ने रास्तो पे फासले तय किये.

अनजान मुसाफिर

अनजान मुसाफिर मंजिल से.
रास्ते इतने बदले की मंजिल बदल गयी.

आइना तोड़ने वाले

आइना तोड़ने वाले, ये तुझे याद रहे,
अक्स बंट जाएगा ,
तेरा भी , कई टुकड़ों में

उनकी चाह

वो इस चाह मै रहते है की हम उनसे उनको मांगे.
और हम इस गुरूर मै रहते है की हम अपनी ही चीज क्यूँ मांगे.

समझदारी

जो ना आये मीठा बोलना,
तो खामोश होना अच्छा है,

जिस समझदारी से टूटे रिश्ते,
उस से नादान होना अच्छा है.

अक्ल के इजाफे ने बढ़ा रखी है,
आज अपनों से अपनों की दूरियाँ,

किस्तों में दे रही है तुझे,
हर रोज मौत जिन्दगी.

जो मर मर के जी रहे हो,
उससे कुर्बान होना अच्छा है.

आओ मिलकर बदले,
आज अपने जीने का सलीका.

जिस ठहराव से खो जाये उमंग,
उससे हैरान होना अच्छा है.

अब 'वो' बात नहीं होती

मुझसे ही अब मेरी मुलाकात नहीं होती
मिलता तो रोज हूँ,पर अब 'वो' बात नहीं होती

ज़ेहन पर अब भी उसके,दिखती है मेरी मुस्कान
पर चहरे पर अब खुशियों की सौगात नहीं होती

बूँद बूँद से कहा मिटेगी,मेरी जन्मो की प्यास,
नसीब में अपने कभी जम के बरसात नहीं होती

ख्वाब सजाने को दिल किस का नहीं करता यारो?
पर मेरी किस्मत में अधजगी रात नहीं होती

वो क्या आया कि मेरी तकदीर,मेरा मुकदर ले गया
अब सहन मुझसे और ये 'तनहा गमे हालात' नहीं होती

Wednesday, May 11, 2011

आरजू इंतज़ार की

आरजू नहीं रही किसी का इंतज़ार करने की!
अब तो वो रास्तो पर भी मिल जाये तो रुका नहीं करता.

संगदिलों की दुनिया

ये संगदिलों की दुनिया है ज़रा संभल कर चलना!
यहाँ पलकों पर भी विठाया जाता है तो नजरों से गिराने के लिए.

प्यार की पहचान

प्यार की पहचान अभी बाकी है,
इश्क की राह मे ये इम्तिहान अभी बाकी है.

दिल को क्या समझाना

दिल को समझाने की जरुरत क्या ?
मोहब्बत हो गयी तो कही जाने की जरुरत क्या ?

जालिम जमाना

जालिम है जमाना जज़्बात नहीं समझता.
दिल मे है क्या बात नहीं समझता

Monday, December 27, 2010

Bhula Diya Tune

Kabhi Jala Diya Mujhe Kabhi Bhujha Diya Mujhe
Ye Mera Dil Hai Ya Chiraag Ye Tumne Bataa Diya Mujhe

Mehndi Laga Ke Hathon Men Wafaon Ka Silaa Diya Mujhe
Kuch Duniya Ke Gam Ne Maara Kuch Tune Mitaa Diya Mujhe

Dhokha,Fareb,Zakhm,Aansu Tiri Chahat Ne Kya Diya Mujhe?
Tere Aane Se Pehle Yaron Ne Kabr Men Sulaa Diya Mujhe

Keh Ke Be-Gaana Hai Usne Mehfil Se Utthaa Diya Mujhe
Ae Maikash Tere Sheyron Ne Aaj Phir Rulaa Diya Mujhe

Mohabbat Mein Gum

Hum Safar Gham Jo Mohabaat Mein Diya Hai Tumne
Yeh Bhi Mujh Par Bada Ehesaan Kiya Hai Tumne

Ek Muddat Se Isi Din Ki Thi Hasarat Dil Mein
Aaj Mein Khush Hun Ke Deewana Kaha Hai Tumne

Jab Bhi Takarai Mere Jism Se Yeh Shookh Hava
Mujh Ko Mehsoos Hua Ke Chuaa Hai Tumne

Kya Mere Dil Ke Dhadakane Ki Hi Awaaz Hai Yeh
Ya Ke Phir Kaan Mein Kuch Aake Kaha Hai Tumne

Hitchkiyan Bhi Kabhi Kambhakt Nahin Aati Hai
Jo Yeh Sochon Ke Mujhe Yaad Kiya Hai Tumne

Wo Nahi Aaye

Muddat Hui wo RuLane Nhi aaye,
JaLti Hui Ankhon ko Bujhane Nhi Aaye,

Kehte the sath jiyenge sath Marenge,
Hum Roothe the aaj Tak wo Manane Nhi aaye.

Hum Aur Akele

Mana Ki Aaj Hum AKELE Reh Gye,
Judai K Ansu ANKO Se Beh Gye.

Rote Hue Ko Ab Kaun CHUP Karaega,
Jo Chup Karate The Wo Hi RONE Ko Keh Gye

Saturday, December 18, 2010

Khuda bhi bekasoor nahi

Kon hai jo manzil se door nahi,
Kon hai jo zindagi se majboor nahi,

Gunaah to sabhi karte hai,
Humari nazar mein to khuda bhi bekasoor nahi.